Pre Production क्या है ?

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Pre Production

Pre Production क्या है ? आज मैं आपको बताऊंगा कि फिल्म बनाने के लिए Process क्या होती है और उसके लिए कौन-कौन काम करता है? फ़िल्म मेकिंग के तीन process होते हैं, 1. Pre Production 2. Production 3. Post Production.

आज मैं Pre Production के बारे में बताऊंगा | किसी भी फिल्म की शुरुआत होती है एक story से जिसमें start हो, एक middle हो और एक end हो और इसमें कुछ characters हो | अब ये story किसी भी random person की हो सकती है, जिसे बाद में professional writers की मदद से develop किया जा सकता है, जिसे script या screen play कहा जाता है |

यहाँ पर कई बार ऐसा भी होता है जहाँ पर director या producer खुद story लिखते हैं | इस script को लेकर फिल्म producer एक बजट बनाता है।

Pre Production

Pre Production जिसमें ये decide किया जाता है कि फिल्म बनाने के लिए कितना पैसा लगेगा? इसमें कई सारी चीजें consider की जाती हैं, जैसे कि फिल्म बनाने के लिए काम करने वाले crew की फीस क्या होगी? फिल्म की शूट के लिए लगने वाले लोकेशन को hire करने के लिए या सेट डिजाइन करने के लिए कितना पैसा लगेगा? शूट के लिए लगने वाले जरूरी equipment खरीदने के लिए कितना खर्चा होगा?

अलग अलग scene के लिए लगने वाले कॉस्ट्यूम डिजाइन करने के लिए कितना पैसा लगेगा? Shooting के दौरान लगने वाले food, transport and film crew की accordion के लिए कितना खर्चा लगेगा? साथ ही फिल्म की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए कितना खर्चा लगेगा, आदि।

Pre Production

 

इसके बाद फिल्म बनाने के लिए crew या कौन कौन, क्या क्या काम करेगा, ये decide किया जाता है| जैसे फिल्म का डायरेक्टर कौन होगा? फिल्म की कास्टिंग कौन करेगा? फिल्म में एक्टर्स कौन कौन से होंगे? फिल्म का म्यूजिक कम्पोज कौन करेगा? फ़िल्म का cinematographer कौन होगा? फ़िल्म के लिए मेकअप कौन करेगा? फ़िल्म की साउंड डिजाइनिंग कौन करेगा? फ़िल्म का प्रोडक्शन डिजाइनर कौन होगा? फिल्म एडिट कौन करेगा, आदि|

अब यहां पर एक इंसान दो अलग अलग रोल play कर सकता है| जैसे कई बार फिल्म का प्रोड्यूसर ही फिल्म के डायरेक्टर का role play कर सकता है और फिल्म का डायरेक्टर म्यूजिक भी कम्पोज़ कर लेता है| अब हमारे पास script है, बजट है और टीम भी है|

अब यहां से एक्चुअल Pre Production का process start होता है| Pre Production में फिल्म का डायरेक्टर अपनी crew के साथ decide करता है कि इस स्टोरी का स्क्रिप्ट से लेकर फिल्म तक का सफर कैसे होगा? यहाँ पर director को caption of the ship कहा जाता है, क्योंकि कोई भी फिल्म जो होती है वो फिल्म डायरेक्टर का vision होती है|

Pre Production

फ़िल्म डायरेक्टर cinematographer के साथ मिलकर ये डिसाइड करता है कि फिल्म का visual approach कैसा होगा? यानी फिल्म शूट कैसे करनी है?

Casting Director का काम है actors के ऑडिशन लेना और character के required look के अनुसार उन को shortlist करना| जिसमें से बाद में Director अपने एक्टर्स finalize करता है |

Music Composer फ़िल्म की थीम और स्टोरी के अनुसार music compose करने का काम करता है |Pre Production फिल्म एडिटर का काम होता है शूट किए गए फुटेज को फ़िल्म की स्टोरी के अनुसार shot by shot edit करना, जिसमें से फाइनल फिल्म एडिट होती है| फ़िल्म का costume designer फिल्म की स्टोरी और अलग अलग characters के requirement के अनुसार फिल्म के लिए costume डिजाइनिंग का काम करता है|

अगर ये फिल्म किसी घर में शूट हो रही हो तो उस घर में bed,radio या telephone कैसे होंगे, ये डिसाइड करने का काम art director का होता है| एक्टर को character का look देने में मेकअप आर्टिस्ट का हाथ होता है।

फिल्म शूटिंग के दौरान एक्टर्स द्वारा कहे गए डायलॉग और बैकग्राउंड साउंड रिकॉर्ड करने का काम साउंड रिकॉर्डर करता है। फिल्म को फाइनल आउटपुट देने से पहले film colorist फिल्म को कलर करने का काम करता है। जिससे फिल्म हमको real लगती है|

Pre Production

इस तरह से फिल्म पर कोई आर्टिस्ट काम करते हैं, जैसे Vfx artist, Assistant director, Executive producer, line producer, script supervision, location manager,Foley artist,still photographer,action director,marketing director,film distributor and so on.

यहाँ पर इन सबका काम मैंने बहुत ही short में explain किया है, लेकिन इन सब का काम बहुत ही detailing होता है| इसके साथ ही फिल्म का डायरेक्टर फिल्म शूट करने के लिए अलग अलग location ढूँढता है, जिसे Location Reccee कहा जाता है|

लोकेशन फाइनल होने के बाद डायरेक्टर ये डिसाइड करता है कि उस लोकेशन में कौन से character की position क्या होगी और वह कहाँ से कहाँ तक move करेगा, जिसे Blocking कहा जाता है|

साथ ही डायरेक्टर अपनी एक shortlist बनाता है जिससे वो ये डिसाइड करता है कि उसे वो सीन कैसे शूट करना है, जिसे Story-Boarding कहा जाता है| इसके बाद डायरेक्टर अपनी एक्टर्स के साथ rehearsal करता है, जिसमें वो उनका character और सीन explain करता है|

Pre Production

आखिर में फिल्म शूट करने से पहले एक शेड्यूल बनाया जाता है, जिसमें ये डिसाइड किया जाता है कि फिल्म कब shot होगी|

इस तरह film story से स्टार्ट होकर script producer,budget,team,casting,location,blocking,story boarding, rehearsal, scheduling, Pre Production के process से होकर फिल्म shot के लिए ready होती है। हालांकि जरूरी नहीं कि हर बार ये प्रोसेस इसी ऑर्डर में रेडी हो, लेकिन most of the time यही प्रोसेस follow किया जाता है।

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